जो बनाते हैं, उसे चलाते भी हैं
हमारे अपने ऐप लोगों के फ़ोन में चल रहे हैं, और उनके पीछे हमारे अपने सर्वर हैं। स्टोर की जाँच, क्रैश रिपोर्ट, रात दो बजे डेटा वापस लाना — जो सबक़ हमने क़ीमत देकर सीखे, वे आपके काम में भी लगते हैं।
Chhindwara Labs छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश की एक छोटी सॉफ़्टवेयर कंपनी है। अपने ऐप हम खुद बनाते और चलाते हैं, और उन कारोबारों के लिए सॉफ़्टवेयर बनाते हैं जो चाहते हैं कि काम करने वाले आगे भी मौजूद रहें।
छोटे कारोबारों के साथ अक्सर दो में से एक बात होती है। या तो कोई एजेंसी बने-बनाए टेम्पलेट की साइट के बड़े पैसे बता देती है और बाद में उसे कोई देखता नहीं; या कोई अकेला डेवलपर पहला बिल लेकर ग़ायब हो जाता है और कोड ऐसे अकाउंट में पड़ा रह जाता है, जिसका पासवर्ड किसी को पता नहीं। दोनों ही हालात में जितना पैसा लगा, उसके बदले हाथ में बहुत कम आता है।
हमने उल्टी तरफ़ से शुरू किया — पहले अपने प्रोडक्ट बनाए, उन्हें लॉन्च किया, और उनका नतीजा खुद भुगता। ग्राहक का काम करने की इससे अच्छी तैयारी नहीं हो सकती: जब सर्वर भी आपका हो और शिकायत भी आप ही सुनें, तो हर जुगाड़ का हिसाब आख़िर में खुद ही चुकाना पड़ता है — और जुगाड़ करना अपने आप छूट जाता है।
अपने प्रोडक्ट। DharmaMitra हिंदी का भक्ति ऐप है, जो बिना इंटरनेट भी पूरा चलता है। School Connect उन स्कूलों के लिए बन रहा है, जो आज भी रजिस्टर और एक्सेल शीट पर चल रहे हैं। ये दिखाने के नमूने नहीं हैं — असली यूज़र, असली सर्वर और असली ज़िम्मेदारी वाले ऐप हैं।
दूसरों का काम। मोबाइल ऐप, वेबसाइट, वेब ऐप्लिकेशन और इनके पीछे का बैकएंड। वही लोग, वही तरीक़ा — बस आपके काम पर लगा हुआ। अपने प्रोडक्ट पर हम नई चीज़ें आज़माते हैं; ग्राहकों का काम हमें ज़मीन पर रखता है।
हम छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश में हैं, और इसे हम कमी नहीं मानते। यहाँ हमारा खर्च कम है, इसलिए हमारी क़ीमतें भी कम रह पाती हैं। हम उन्हीं फ़ोन और उसी नेटवर्क को सामने रखकर बनाते हैं, जो हमारे आसपास हैं — कमज़ोर नेटवर्क पर चलता एक साधारण Android फ़ोन, न कि दफ़्तर के WiFi पर महँगा फ़ोन। ज़्यादातर भारतीय कारोबार असल में इसी ग्राहक तक पहुँचना चाहते हैं। और काम हम कहीं का भी लेते हैं, क्योंकि इसके लिए एक ही शहर में होना ज़रूरी नहीं।
हमारे अपने ऐप लोगों के फ़ोन में चल रहे हैं, और उनके पीछे हमारे अपने सर्वर हैं। स्टोर की जाँच, क्रैश रिपोर्ट, रात दो बजे डेटा वापस लाना — जो सबक़ हमने क़ीमत देकर सीखे, वे आपके काम में भी लगते हैं।
काम शुरू होने से पहले आपको पता होता है कि बनेगा क्या और लगेगा कितना। कोई चीज़ तय काम से बाहर हुई, तो हम उसी वक़्त बता देते हैं — आख़िरी बिल में नहीं।
सोर्स कोड, डोमेन, स्टोर लिस्टिंग, सर्वर और डेटाबेस — सब आपके, आपके अपने अकाउंट में। न कोई बंधन, और कल किसी और से काम कराना हो तो कुछ भी अटकाया नहीं जाता।
कमज़ोर नेटवर्क, साधारण Android फ़ोन, और होस्टिंग का खर्च जो कम रहना ही चाहिए। शुरू से यही सामने रखकर बनाते हैं, क्योंकि हमारे अपने यूज़र भी वहीं हैं।
बीच में संदेश पहुँचाने वाला कोई मैनेजर नहीं। जो कोड लिखता है, बात आप उसी से करते हैं।
ऐप को उतनी ही जानकारी माँगनी चाहिए, जितनी सच में ज़रूरत हो — और आपका माँगा कोई फ़ीचर इसे बदलता हो, तो हम पहले ही कह देंगे।
काम शुरू होने से पहले आपके हाथ में पूरा ब्यौरा होता है — कौन-सी स्क्रीन, कौन-सा फ़ीचर, कितना समय और कितनी क़ीमत। फिर हम छोटे-छोटे हिस्सों में बनाते हैं, और हर हफ़्ते आप असली चीज़ चलती हुई देखते हैं, अपने ही फ़ोन पर। इस दौर में कुछ बदलवाना सस्ता पड़ता है।
लॉन्च के समय सब कुछ आपको सौंप दिया जाता है: सोर्स कोड, डोमेन, स्टोर की लिस्टिंग, सर्वर और डेटाबेस — सब आपके नाम पर। उसके बाद मदद, अपडेट और अगले फ़ीचर के लिए हम मौजूद रहते हैं, और आप जब चाहें रुक सकते हैं। कुछ भी हमारे पास अटका नहीं रहता।
पहली बातचीत का कोई पैसा नहीं, और कोई बंधन भी नहीं। बस बता दीजिए कि दिक्कत क्या है — हमें संदेश भेजिए, जवाब ज़रूर मिलेगा।
इस वेबसाइट को लेकर हमारी अपनी नीति प्राइवेसी पॉलिसी में लिखी है। DharmaMitra की नीति अलग है, वह dharmamitra.in/privacy पर है।
बस इतना बता दीजिए कि दिक्कत क्या है — मोटे तौर पर ही सही। हम साफ़ कह देंगे कि यह काम हमारे करने लायक़ है या नहीं, कितना समय लगेगा और कितना खर्च आएगा।
ईमेल ज़्यादा ठीक लगे तो यहाँ लिखिए — chhindwaralabs@gmail.com